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देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में परफार्मिंग आर्ट्स में प्रवेश प्रारंभ, कार्य परिषद सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी ने विश्वविद्यालय प्रशासन का जताया आभार
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर द्वारा स्कूल ऑफ परफार्मिंग आर्ट्स के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने पर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के सदस्य प्रो. डॉ. अश्विनी कुमार द्विवेदी (डॉ. ए.के. द्विवेदी) ने कुलपति, कुलसचिव एवं विश्वविद्यालय प्रशासन का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि भारतीय कला, संगीत, नृत्य, रंगमंच एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में यह विश्वविद्यालय का एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम है। इस विभाग के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के साथ-साथ आधुनिक फिल्म, ओटीटी, डिजिटल मीडिया और इवेंट इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावसायिक एवं कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि उल्लेखनीय है कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में “परफार्मिंग आर्ट्स विभाग” की स्थापना का प्रस्ताव डॉ. ए.के. द्विवेदी द्वारा कार्य परिषद की बैठक में विचारार्थ शामिल किए जाने हेतु कुलगुरु को भेजे गए विस्तृत पत्र के आधार पर रखा गया था। इस प्रस्ताव में कथक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, हिंदुस्तानी एवं कर्नाटक शास्त्रीय संगीत, वादन, लोक संगीत एवं लोक नृत्य, नाट्य कला, संगीत चिकित्सा (Music Therapy), फिल्म, डिजिटल मीडिया तथा परफार्मिंग आर्ट्स से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव दिया गया था।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप प्रारंभ किया गया यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए रोजगार, स्वरोजगार एवं रचनात्मक करियर के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय इस विभाग का और अधिक विस्तार करते हुए भारतीय कला एवं संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।
अंत में डॉ. द्विवेदी ने विश्वविद्यालय प्रशासन, कार्य परिषद के सभी सदस्यों तथा इस महत्वपूर्ण पहल में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह निर्णय मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के कला एवं संस्कृति प्रेमी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।


